राजस्व विभाग में प्रचलित प्रमुख शब्द और उनके अर्थ

रकबा- क्षेत्रफल, 
खसरा- भूमि क्रमांक, 
पांचसाला- पिछले पांच' साल का खसरा
चांदा- सीमा चिन्ह, 
मुनारा- सर्वेक्षण चिन्ह, 
उपकर - अबवाब (मुख्य कर का उपकर)
मौसूली- वसूली प्राप्त करना, 
नस्ती- खात्मा, 
अलामत- छोटे-छोटे चिन्ह, 
मसाहती ग्राम- जिसकी सीमा न हो
मीजान- कुल, 
सकूनत- निवास 
वाजिब-उल-अर्ज- निजी जमीन में सार्वजनिक उपयोग दर्शाने वाला रिकार्ड
गिरदावरी- खेतों व फसलों का निरीक्षण कर रिकार्ड करना, 
तितम्मा मिलान- हल, बैल, कृषि यंत्र की गणना, 
गोशवारा- महायोग, 
रूढ़ अलामात- परंपरागत सीमा, 
हलफनामा- शपथ पत्र, 
बैनामा- विक्रय पत्र, 
बयशुदा- खरीदी, 
काबिज- कब्जा है, 
दीगर- अन्य, 
वारिसान- उत्तराधिकारी, 
बख्शीश- उपहार या दान, 
फौत - मौत, 
रहन- गिरवी, 
कैफियत- स्पष्टीकरण/विवरण 
साकिन- निवासी
मौजा बेचिराग - बिना आबादी का गांव
फकुल रहन - गिरवी रखी भूमि को छुड़ा लेना
तबादला - भूमि के बदले भूमि लेना
बैय - जमीन बेच देना
मुसन्ना - असल रिकॉर्ड के स्थान पर बनाया जाने वाला रिकॉर्ड
फर्द - नक़ल
फर्द बदर - राजस्व रिकॉर्ड में होने वाली गलती को ठीक करना
मिन - भाग
साम्बिक - भूतपूर्व
पुख्ता औसत झाड़ - पैदावार के अनुसार पक्की फसल
फसल रबी - आसाढ़ की फसल
फसल खरीफ - सावनी की फसल
जिंसवार- फसलवार जिंस का जोड़
जलसाआम - जनसभा
बशनाखत - की पहचान पर
वल्दियत - पिता का नाम बतलाना
हमशीरा - बहन
हद - सीमा
हदूद - सीमाएं
सिहद्दा - तीन गांवों को एक स्थान पर मिलाने वाला सीमा पत्थर
बनाम - के नाम
मिन जानिब - की ओर से
बिला हिस्सा - जिसमें भाग न हो
नीलाम - खुली बोली द्वारा बेचना
दस्तक - मांग का अधिकार
तकाबी - फसल ऋण
कुर्की - किसी वस्तु को सरकारी अधिकार में लेना
बदस्तूर - हमेशा की तरह या पूर्ववत
हाल - वर्तमान
खाका - प्रारूप
कारगुजारी - प्रगति रिपोर्ट
झलार - नदी नाले से पानी देने का साधन
जमा - भूमिकर
तरमीम - बदल देना या सुधार देना
मालगुजारी - भूमिकर
जदीद - नया
खुर्द - छोटा
कलां - बड़ा
खुश हैसियत - अच्छी हालत
इकरारनामा - आपसी फैसला
गोरा देह भूमि – गांव के साथ लगी भूमि
दो फसली - वर्ष में दो फसलें उत्पन्न करने वाली भूमि
सकूनत - निवास स्थान
शजरा परचा - कपड़े पर बना खेतों का नक्शा
शजरा किस्तवार - ट्रेसिंग पेपर पर बना हुआ खेतों का नक्शा
मुसावी - मोटे कागज पर खेतों की सीमाएं दर्शाने वाला नक्शा
पैमाना पीतल - मसावी बनाने के पीतल का बना हुआ इंच
फरेरा - दूर झंडी देखने के लिए बांस पर बंधा तिकोना रंग-बिरंगा कपड़ा
झंडी - लाइन को सीधा रखने के लिए 12 फीट का बांस
क्रम - 66 इंच लम्बा जरीब का दसवां भाग
गट्ठा - 57.157 इंच, जरीब का दसवां भाग
अड्डा - जरीब की पड़ताल करने के लिए भूमि पर बनाया गया माप
गज - भूमि नापने का पैमाना
पैमाइश - भूमि का नापना
शजरा नसब - भूमिदारों की वंशावली
लाल किताब - गांव की भूमि से सम्बंधित पूर्ण जानकारी देने वाली पुस्तक
मिसल हकूकियत - बंदोबस्त के समय विस्तार साथ तैयार की गई जमाबंदी
जमाबंदी - भूमि की मिल्कियत और अधिकारों की पुस्तक
खसरा गिरदावरी - 
हदबस्त - तहसीलवार गावों के नम्बर
मिनजुमला – मिला-जुला भाग
नवैयत या नौइयत- भू उपयोग
पिसर मुतबन्ना - दत्तक पुत्र
जोजे- पत्नी
बेवा - विधवा
वल्द - पुत्र
कौमियत - जाति
चाह आबनोशी- आबादी में पीने के उपयोग का कुआँ
चाह आब पाशी-  सिंचाई के लिए कुआँ
साकिन -निवासी
साकिन देह - भू अभिलेख से संबंधित उसी गांव का निवासी
साकिन पाही - अन्य गांव का निवासी
मुतवल्ली - मुस्लिम धार्मिक संपत्ति का कर्ता
लगान - भूमिकर
हदबंदी - सीमांकन
बिलमुक्ता - इस खसरा नंबर के भूराजस्व मे अन्य नंबर का भूराजस्व जुड़ा हुआ है
बकसरत दरखतान- अनगिनत वृक्ष
मिन्हा - मिलाना
इन्तकाल - मलकियत की तबदीली का आदेश ।
जरीब - भूमि नापने की लम्बी लोहे की जंजीर ।
रकबा बरारी - नम्बर की चारों भुजाओं की लम्बाई व चौडाई क्षेत्रफल निकालना
रकबा-  खेत का क्षेत्रफल
गोशा - खेत का हिस्सा
बिसवा-  20 बिसवांसी
बिघा  -20 बिसवा
शर्क - पूर्व
गर्व - पश्चिम
जनूब-  दक्षिण
शुमाल - उत्तर
खेवट-  मलकियत का विवरण
खतौनी - कशतकार का विवरण
पत्ती तरफ ठोला - गॉंव में मालकों का समूह
गिरदावर - पटवारी के कार्य का निरीक्षण करने वाला  RI
दफ्तर कानूनगो  - तहसील कार्यालय का कानूनगो
नायब दफतर कानूनगो - सहायक दफतर कानूनगो
सदर कानूनगो -  जिला कार्यालय का कानूनगो ।
वासिल वाकी नवीस -राजस्व विभाग की वसूली का लेखा रखने वाला कर्मचारी
मालिक-  भूमि का भू-स्वामी
कास्तकार-  भूमि को जोतने वाला एवं कास्त करने वाला ।
शामलात - सांझाी भूमि
शामलात देह-  गॉंव की शामलात भूमि
शामलात पाना - पाने की शामलात भूमि
शामलात पत्ती  - पत्ती की शामलात भूमि
मुजारा - भूमि को जोतने वाला जो मालिक को लगान देता हो ।
मौरूसी - बेदखल न होने वाला व लगान देने वाला मुजारा
गैर मौरूसी  -बेदखल होने योग्य कास्तकार
नहरी  -नहर के पानी से सिंचित भूमि ।
चाही नहरी - नहर व कुएं द्वारा सिंचित भूमि
चाही  -क्एं द्वारा सिंचित भूमि
चाही मुस्तार  - खरीदे हुए पानी द्वारा सिंचित भूमि ।
बरानी - वर्षा पर निर्भर भूमि ।
आबी  - नहर व कुएं के अलावा अन्य साधनों से सिंचित भूमि ।
बंजर जदीद - चार फसलों तक खाली भूमि ।
बंजर कदीम - आठ फसलों तक खाली पडी भूमि ।
गैर मुमकिन - कास्त के अयोग्य भूमि ।
नौतौड -कास्त अयोग्य भूमि को कास्त योग्य बनाना ।
क्लर  -शोरा या खार युक्त भूमि ।
चकौता  -नकद लगान ।
सालाना  - वार्षिक
बटाई  - पैदावार का भाग ।
तिहाई  - पैदावार का 1/3 भाग ।
निसफ - पैदावार का 1/2 भाग ।
पंज दुवंजी - पैदावार का 2/5 भाग ।
चहाराम  -पैदावार का 1/4 भाग ।
तीन चहाराम - पैदावार का 3/4 भाग ।
मुन्द्रजा -  पूर्वलिखित (उपरोक्त)
मजकूर-  चालू
राहिन - गिरवी देने वाला ।
मुर्तहिन - गिरवी लेने वाला ।
बाया  -भूमि बेचने वाला ।
मुस्तरी  - भूमि खरीदने वाला ।
वाहिब  -उपहार देने वाला ।
मौहबईला  - उपहार लेने वाला ।
देहिन्दा - देने वाला ।
गेरिन्दा - लेने वाला ।
लगान -  मुजारे से मालिक को मिलने वाली राशी या जिंस
पैमाना हकीयत  - शामलात भूमि में मालिक का अधिकारी ।
सरवर्क  - आरम्भिक पृष्ठ ।
नक्शा कमीबेशी  -पिछली जमाबन्दी के मुकाबले में क्षेत्रफल की कमी या वृद्वि
हिब्बा  - उपहार ।
बैयहकशुफा - भूमि खरीदने का न्यायालय द्वारा अधिकार ।
रहन बाकब्जा  - कब्जे सहित गिरवी ।
आड रहन  - बिला कब्जा गिरवी ।
रहन दर रहन  - मुर्तहिन द्वारा कम राशि में गिरवी रखना ।
तबादला  - भूमि के बदले भूमि लेना ।
पडत सरकार  - राजस्व रिकार्ड रूम में रखी जाने वाली प्रति ।
पडत पटवार -  रिकार्ड की पटवारी के पास रखी जाने वाली प्रति 
फर्द बदर  - राजस्व रिकार्ड में हुई गलती को ठीक करना ।
पुख्ता औसत झाड -  पैदावार के अनुसार पक्की फसल
साबिक -  पूर्व का या पुराना या पहले का
हाल  -वर्तमान, मौजूदा ।
बिला हिस्सा  -जिसमें भाग न हो ।
मिन जानिब  -की ओर से ।
बशिनाखत - की पहचान पर ।
पिसर या वल्द →पुत्र
दुखतर - सुपुत्री
वालिद - पिता
वालदा  -माता
महकूकी  - काटकर दोबारा लिखना
मसकूकी  - बिना काटे पहले लेख पर दोबारा लिखना
बुरज - सरवेरी सर्वेक्षण का पत्थर
चक तशखीश - बन्दोबस्त के दौरान भूमि की पैदावार के अनुसार तहसील की भूमि का निरधारण
दुफसली →वर्ष में दो फसलें उत्पन्न करने वाली भूमि
मेड़ →खेत की सीमा
गोरा देह भूमि →गॉंव के साथ लगती भूमि
हकदार→ मालिक भूमि
महाल →ग्राम
जदीद →नया
इन्तकाल →मलकियत की तबदीली का आदेश ।
जरीब →भूमि नापने की लम्बी लोहे की जंजीर ।
रकबा बरारी →नम्बर की चारों भुजाओं की लम्बाई व चौडाई क्षेत्रफल निकालना
रकबा→ खेत का क्षेत्रफल
गोशा →खेत का हिस्सा
बिसवा→ 20 बिसवांसी
बिघा →20 बिसवा
शर्क →पूर्व
गर्व→ पश्चिम
जनूब→ दक्षिण
शुमाल→ उत्तर
खेवट→ मलकियत का विवरण
खतौनी→ कशतकार का विवरण
पत्ती तरफ ठोला→ गॉंव में मालकों का समूह
गिरदावर→ पटवारी के कार्य का निरीक्षण करने वाला  RI
दफ्तर कानूनगो →तहसील कार्यालय का कानूनगो
नायब दफतर कानूनगो→ सहायक दफतर कानूनगो
सदर कानूनगो→ जिला कार्यालय का कानूनगो ।
वासिल वाकी नवीस→
राजस्व विभाग की वसूली का लेखा रखने वाला कर्मचारी
मालिक→ भूमि का भू-स्वामी
कास्तकार→ भूमि को जोतने वाला एवं कास्त करने वाला ।
शामलात →सांझाी भूमि
शामलात देह→ गॉंव की शामलात भूमि
शामलात पाना →पाने की शामलात भूमि
शामलात पत्ती →पत्ती की शामलात भूमि
मुजारा→ भूमि को जोतने वाला जो मालिक को लगान देता हो ।
मौरूसी →बेदखल न होने वाला व लगान देने वाला मुजारा
गैर मौरूसी →बेदखल होने योग्य कास्तकार
नहरी →नहर के पानी से सिंचित भूमि ।
चाही नहरी→ नहर व कुएं द्वारा सिंचित भूमि
चाही →क्एं द्वारा सिंचित भूमि
चाही मुस्तार →खरीदे हुए पानी द्वारा सिंचित भूमि ।
बरानी→ वर्षा पर निर्भर भूमि ।
आबी →नहर व कुएं के अलावा अन्य साधनों से सिंचित भूमि ।
बंजर जदीद→ चार फसलों तक खाली भूमि ।
बंजर कदीम →आठ फसलों तक खाली पडी भूमि ।
गैर मुमकिन →कास्त के अयोग्य भूमि ।
नौतौड→ कास्त अयोग्य भूमि को कास्त योग्य बनाना ।
क्लर →शोरा या खार युक्त भूमि ।
चकौता →नकद लगान ।
सालाना →वार्षिक
बटाई →पैदावार का भाग ।

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1 comment:

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